لكن الذين خافوا ربهم، وامتثلوا أوامره، واجتنبوا نواهيه، قد أعدَّ الله لهم جنات تجري من تحت أشجارها الأنهار، هي منزلهم الدائم لا يخرجون منه. وما عد الله أعظم وأفضل لأهل الطاعة مما يتقلب فيه الذين كفروا من نعيم الدنيا.
مجمع الملك فهد لطباعة المصحف الشريف
تفسير الجلالين
«لكن الذين اتقوا ربَّهم لهم جنات تجري من تحتها الأنهار خالدين» أي مقدرين بالخلود «فيها نُزُلا» وهو ما يعد للضيف ونصبه على الحال من جَنَّاتٍ والعامل فيها معنى الظرف «من عند الله وما عند الله» من الثواب «خير للأبرار» من متاع الدنيا.
किन्तु जो लोग अपने रब से डरते रहे उनके लिए ऐसे बाग़ होंगे जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी। वे उसमें सदैव रहेंगे। यह अल्लाह की ओर से पहला आतिथ्य-सत्कार होगा और जो कुछ अल्लाह के पास है वह नेक और वफ़ादार लोगों के लिए सबसे अच्छा है
ترجمة المعاني ليست قرآنًا، بل محاولة لنقل معناه إلى لسان آخر.